शनिवार, 12 अक्तूबर 2013

नींद: कुछ रोचक और आश्चर्यजनक तथ्य

रात में टाइम से बिस्तर पर भले ही लेट जाएं पर करवटें बदलते-बदलते सारी रात बीत जाती है पर नींद है कि आती ही नहीं, शायरों ने भले ही इसे प्यार के लक्षण बताएं हों लेकिन वास्तविकता में यह आपकी गलत जीवनशैली का ही परिणाम है। 

नींद न आना आज हर उम्र में लोगों के लिए ऐसी समस्या है जिससे सब परेशान भी हैं और इसका ठोस उपाय भी नहीं करते। ऐसे में आप अपने रुटीन पर कुछ गौर क्यों नहीं करते, हो सकता है आपकी कुछ गलत आदतें ही नींद की दुश्मन हों। पहचानें कुछ ऐसी आदतों को जो आपकी नींद उड़ाने की वजह हो सकती हैं।

देर रात तक टीवी देखना
सोने से पहले देर तक टीवी देखना भले ही आपके लिए मनोरंजन का सबसे आसान तरीका हो पर इससे आपकी नींद को बहुत नुकसान होता है, ऐसा मानना है जापान के ओसाका विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का। इन्होंने अपने शोध के आधार पर यह माना है कि जो लोग सोने से पहले देर तक टीवी देखते हैं उन्हें अच्छी और गहरी नींद नहीं आती और आगे चलकर उन्हें अनिद्रा की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

लैपटॉप पर देर तक काम
ऑफिस में दिन भर कंप्यूटर के सामने बैठने के बाद भी घर जाकर कुछ लोग लैपटॉप खोल ही लेते हैं। लेकिन देर रात तक कंप्यूटर पर काम आंखों, नसों और दिमाग में तनाव पैदा करता है जिससे नींद न आने की दिक्कत हो सकती है। 

वीडियोगेम्स खेलना
सोने से पहले खाली समय में कंप्यूटर या मोबाइल पर गेम्स खेलने की आदत कई बार आपकी नींद की दुश्मन हो जाती है। वीडियो गेम्स खेलने के दौरान आपके शरीर में ऊर्जा का प्रवाह तेज होता है और आप हाइपरएक्टिव हो जाते हैं। इससे शरीर का तनाव बढ़ जाता है और नींद नहीं आती।

वर्कआउट
कुछ लोग समय की कमी के कारण सोने के पहले ही वर्कआउट करते हैं जो उनकी नींद के लिए ठीक नहीं। वर्कआउट करने से मेटॉबॉलिज्म तेज होता है और शरीर में ऊर्जा का संचार बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में आप घंटों काम तो कर सकते हैं पर चैन की नींद नहीं पा सकते।

कॉफी पीना
कई बार खाने के बाद या देर रात में कॉफी पीना भी हमारी नींद के लिए फायदेमंद नहीं होता। कॉफी में मोजूद कैफीन आपको छह घंटे से ‌अधिक समय तक जगाए रखता है। यानी अगर कॉफी पीने का शौक भी है तो सोने से छह घंटे पहले कॉफी पिएं न कि देर रात में। 

काम का तनाव
काम का अत्याधिक तनाव भी आपकी नींद छीन सकता है। न सिर्फ नींद छीन सकता है बल्कि आपके लिए कई बीमारियों की जड़ हो सकता है। इसलिए ऑफिस की टेंशन ऑफिस में ही छोड़कर आएं।

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सेक्स से जुड़े तथ्य


सेक्स को हमेशा से इंसान एक खास संवेदना के रूप में देखता है। गौर करें तो किसी भी व्यक्ति के जीवन की खुशियां बहुत कुछ उसकी सेक्स लाइफ पर ही निर्भर होती हैं। मगर जीवन का इतना अहम हिस्सा होने के बावजूद इंसान की यह संवेदना हमेशा एक रहस्य का आवरण लिए रहती है।
प्राचीन कहावतों पर यकीन करें तो सेक्स को कोई अपने जीवन काल में भी पूरा नहीं समझ सकता, क्योंकि वह ब्रह्मांड की तरह विस्तृत, गहरा और असीम है। प्रत्येक व्यक्ति का यौन अनुभव दूसरे किसी से अलग हो सकता है। आइए हम आपको सेक्स से जुड़े कुछ आश्चर्यजनक तथ्य बताते हैं, उम्मीद है कि यह आपके लिए सेक्स से जुड़े तथ्य होगा।

1 इंसान और डाल्फिन, विश्व की दो ऐसी प्रजातियां हैं जो अपने आनंद के लिए सेक्स का सहारा लेती हैं।

2 यदि पूरी दुनिया भर में हो रही सेक्सुअल गतिविधियों पर नजर डाली जाए तो यह एक दिन में करीब 100 मिलियन बैठती है।

3 पुरुष औसतन प्रत्येक सात सेकेंड में एक बार सेक्स के बारे में सोचते हैं।

4 अमेरिका मे हुए एक शोध से पता चला है कि बीते तीन दशकों में वहां के एक औसत पुरुष की शुक्राणु संख्या में करीब तीस प्रतिशत की गिरावट आई है।

5 यौन क्रिया के दौरान महिलाओं के मुकाबले पुरुषों को कहीं ज्यादा पसीना आता है। स्त्रियां की शारीरिक संरचना में बदन से निकलने वाले पानी को नियंत्रित करने की क्षमता होती है।

6 मानव शरीर का सबसे संवेदनशील हिस्सा त्वचा है। एक औसत वयस्क के शरीर में इसका वजन छह पाउंड होता है।

7 आज धड़ल्ले से इस्तेमाल होने वाला कंडोम सन 1500 में ही अस्तित्व में आ गया था।

8 कंडोम का सबसे सेक्स से जुड़े तथ्य इस्तेमाल द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान देखने में आया था। उस वक्त सिपाही अपनी राइफलों की नली को इससे ढका करते थे क्योंकि भीतर खारा पानी जाने से वह खराब हो जाती थीं।

9 यौन क्रिया काफी खर्चीली भी है। इस तरह कि एक औसत महिला पूरी तरह से उत्तेजित होकर सेक्स क्रिया करने के दौरान 70 से 120 कैलोरी प्रति घंटे की दर से खर्च करती है और एक पुरुष 77 से 155 कैलोरी

10 शायद आपके लिए यह जानना दिलचस्प हो कि चुंबन से दंतक्षय की दर को कम किया जा सकता है। क्योंकि अतिरिक्त लार से मुंह साफ रखने में मदद मिलती है। एक मिनट के लिए लिया गया चुंबन शरीर की 26 कैलोरी जला सकता है।

11 किसी व्यक्ति के पूरे जीवन में चुंबन के लिए खर्च किए जाने वाले समय को जोड़ा जाए...तो यह 336 घंटे या 20.160 मिनटों के बराबर बैठता है। यानी कि पूरे जीवन में कुल 14 दिन।

12 सिर्फ नपुंसकता 26 अमेरिकी राज्यों में तलाक के लिए बड़ा आधार है।

13 महिलाओं के लिए संभोग एक कारगर दर्द निवारक है। क्योंकि संभोग के दौरान शरीर में एंडोमार्फीन का स्राव होता है, जो कि एक शकितशाली दर्द निवारक माना जाता है।

14 मनोवैज्ञानिक बताते हैं कि पश्चिमी समाज में पैर यौन आकर्षण का सबसे प्रमुख केंद्र हैं।

15 सेक्स में सक्रिय व्यक्ति की दाढ़ी उसकी निष्क्रिय अवस्था में रहने की तुलना में कही ज्यादा तेजी से बढ़ती है।

17 एक स्वस्थ मनुष्य संभोग के दौरान करीब पांच मिलीलीटर वीर्य स्खलित करता है, जिसमें तीस करोड़ से पचास करोड़ तक शुक्राणु मौजूद होते हैं।

मंगलवार, 6 अगस्त 2013

एक से बढ़कर एक 101 रोचक तथ्य


1: फिलिपिन्स में पाया जाने वाला बोया पक्षी प्रकाश में रहने का इतना शौकीन होता है कि अपने घोंसले के चारो और जुगनु भरकर लटका देता है.

2.वेटिकनसिटी दुनिया का सबसे छोटा देश है इसका क्षेत्रफल 0.2 वर्ग मील है और इसकी आबादी लगभग 770 है. इनमें से कोई भी इसका परमानेंट नागरिक नही है.

3.नील आर्मस्ट्राँग ने सबसे पहले अपना बाँया पैर चँद्रमा पर रखा था और उस समय उनके दिल की धड़कन 156 बार प्रति मिनट थी.

4.धरती के गुरूत्वाकर्षण के कारण पर्वतों का 15,000 मीटर से ऊँचा होना संभव नही है.

5.रोम दुनिया का वो शहर है जिसकी आबादी ने सबसे पहले 10 लाख का आकड़ा पार किया था.

6.1992 के क्रिकेट विश्वकप में इंग्लैंड को हराते हुए जिम्बाब्वे ने बड़ा उल्टफेर कर दिया था. पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे ने सिर्फ 134 रन बनाए और इंग्लैंड का काम आसान कर दिया लेकिन हुआ ऐसा नही, इंग्लैंड की टीम 125 रन पर ही ढेर हो गई.

7. 269 मीटर की ऊँचाई वाले टाइटैनिक को अगर सीधा खड़ा कर दिया जाए तो यह अपने समय की हर इमारत से ऊँचा होता .

8.टाइटैनिक की चिमनिया इतनी बड़ी थी कि इनमें से दो ट्रेने गुजर सकती थी.

9.सिगरेट लाइटर की खोज माचिस से पहले हुई थी.

10.हमारे ऊँगलीयों के निशानों की तरह हमारी जुबान के भी निशान भिन्न होते है.

11.विश्व में अभी भी 30 प्रतीशत लोग ऐसे है जिन्होंने कभी मोबाइल का प्रयोग नही किया.

12.औसतन हर दिन 12 नव-जन्में बच्चे किसी ओर मां-बाप को दें दिए जाते हैं.

13.आईसलैंड में पालतू कुत्ता रखना क़ानून के विरूद्ध है.

14.Righted-handed लोग औसतन left-handed लोगों से 9 साल ज्यादा जीते हैं.

15.शहद एक एकलौता ऐसा खाद्य पदार्थ है जो कि हजारों सालों तक खराब नही होता. Egypt के पिरामिडों में फैरो बादशाह की क्रब में पाया गया शहद जब खोजी वैज्ञानिकों द्वारा चखा गया तब भी वह उतना ही स्वादिष्ट था. बस उसे थोडा गरम करने की जरूरत थी.

16.एक औसतन लैड की पेंसिल से अगर एक लाइन खींची जाए तो वह 35 किलोमीटर लंम्बी होगी जिससे 50,000 अंग्रेजी शब्द लिखें जा सकते है.

17.एक समुद्री केकडे का दिल उसके सिर में होता है.

18.गोरिल्ला एक दिन मे ज्यादा से ज्यादा 14 घंटे सोते है.

19.हर साल लोग साँपों के ज्यादा मधु मक्खियों द्वारा काटे जाने से मारे जाते है.

20.कुछ कीड़े भोजन ना मिलने पर खुद को ही खा जाते हैं.

21.कुछ शेर दिन में 50 बार सहवास करते है.

22.तितलियाँ किसी वस्तु का स्वाद अपने पैरों से चखती है.

23.1386 ईसवी में फ्रांस में लोगो द्वारा एक सुअर को एक बच्चे के क़त्ल के दोष में फाँसी पर लटका दिया गया था.

24.मानव गर्भनिरोधक गोलियां गोरिल्ला पर भी काम करती है.

25.एक गिलहरी की उम्र 9 साल तक होती है.

26.क्या आप जानते है छिपकली का दिल 1 मिनट में 1000 बार धड़कता है.

27.अगर एक बिच्छू पर थोड़ी सी मात्रा में भी शराब या रस डाल दिया जाए तो यह पागल हो जाएगा और खुद को डंक मार लेगा.

28.एक औसत मनुषय के लिए अपनी ही कुहनी चाट पाना असंभव है.

29.जो लोग इस को पढ़ रहे है उन में से 75 % से ज्यादा लोग अपनी कुहनी चाटने की कोशिश करेगे.

30.अगर आप जोर से छीके तो आप अपनी पसली तुडवा सकते हैं.

31.अगर आप छीकते वक्त अपनी आँखे जोर से खुली रखने की कोशिश करे तो आप की eyeball (डेला) तिडक सकता है.

32.सिर्फ एक घंटा हेडफोन लगाने से हमारे कानो में जीवाणुयों की तादाद 700 गुना बढ़ जाती है.

33.पूरे जीवन काल के दौरान नीद में आप भिन्न-भिन्न तरह के 70 कीट और 10 मकडीयाँ खा जाते है.

34.आपका दिल एक दिन में लगभग 100,000 बार धडकता है.

35.आप के शरीर की लगभग 25 फीसदी हड़डियाँ आप के पैरों में होती हैं.

36.ऊगलियों के नाखुन पैरों के नाखुनों से 4 गुना ज्यादा जलदी बढ़ते हैं.

37.आप 300 हड़डियों के साथ जन्म लेते है., पर 18 साल तक होतो-होते आप की हड़डियाँ जुड़ कर 206 रह जाती हैं.

38.एक औसतन ईन्सान दिन में 10 बार हसता है.

39.छीकते समय आँखे खुली रख पाना नामुनकिन है और छीकते समय दिल की गती एक मिली सेंकेड के लिए रुक जाती है.

40.”Rhythm”(लय) vowel के बिना इंग्लिस का सबसे बड़ा शब्द है.

41.’TYPEWRITER’ सबसे लंम्बा शब्द है जो कि keyboard पर एक ही लाइन पर टाइप होता है.

42.’Uncopyrightable’ एकलौता 15 अक्षरो वाला शब्द है जिसमे कोई भी अक्षर दुबारा नही आता.

43.’Forty’ एकलौती संख्या है जिसके अक्षर alphabetical order के अनुसार जबकि ‘one” के alphabetical order से उलट हैं.

44.इंग्लिस के शब्द ‘therein’ से सात सार्थक शब्द निकाले जा सकते है -the,there,he,in,rein(लगाम),her,here,ere(शीघ्र),therein,और herein(इसमे).

45.Albert Einstein के अनुसार हम रात को आकाश में लाखों तारे देखते है उस जगह नही होते ब्लकि कही और होते है. हमें तों उनके द्वारा छोडा गया कई लाख प्रकाश साल पहले का प्रकाश होता है.

46.ज्यादातर विज्ञापनो में घड़ी पर 10 बज कर 10 मिनट का समय दिखाया जाया जाता है.

47.पुरूषों की shirts के बटन Right side पर जबकि औरतो left side के पर होते हैं.

48.चमगादड गुफा से निकलते समय हमेसा बाएँ हाथ मुडते है.

49.लगभग 100 चमगादड़ मिल के एक साल में 25 गाय का खून पी जाते हैं.

50.अगर एक आदमी सात दिनो के लिए कही बाहर जाता है तो वह पाँच दिन के कपड़े पैक करता है. मगर जब एक औरत सात दिन के टूर पर जाती है तो वह लगभग 21 सूट पैक करती है क्योकि वह यह नही जानती कि हर दिन उसे क्या पहनने को दिल करेगा.

51.100 की उम्र के पार पहुँचने वालो में से 5 में से 4 औरते होती हैं.

52.जिन लोगो कि शरीर पर तिलों की संख्या ज्यादा होती है वह औसतन कम तिल वाले लोगो से ज्यादा जीते हैं.

53.कुत्ते और बिल्लीयाँ भी मनुष्य की तरह left या right-handed होते है.

54.इतिहास में सबसे छोटा युद्ध 1896 में England और Zanzibar के बीच हुआ. जिसमें Zanzibar ने 38 मिन्ट बाद ही सरेंडर कर दिया था.

55.फेसबुक पर 10 या उससे अधिक likes वाले 4 करोड़ 20 लाख पेज है।

56.फेसबुक के 43 प्रतिशत users पुरुष है वहीं 57 फीसदी महिलाएं।

57.यदि कोई व्यक्ति हर वेबसाइट को मात्र एक मिनट तक ब्राउज़ करे तो उसे सारी वेबसाइटें खंगालने में 31000 वर्ष लगेंगे. यदि कोई व्यक्ति सारे वेबपन्ने पढना चाहे तो उसे ऐसा करने में करीब 6,00,00,000 दशक लगेंगे.

58.दुनिया का सबसे ऊंचा क्रिकेट का मैदान हिमाचल प्रदेश के चायल नामक स्‍थान पर है। इसे समुद्री सतह से 2444 मीटर की ऊंचाई पर भूमि को समतल बना कर 1893 में तैयार किया गया था।

59.व्यक्ति खाना खाए बिना कई हफ्ते गुजार सकता है, लेकिन सोए बिना केवल 11 दिन रह सकता है।

60.जिस हाथ से आप लिखते हैं, उसकी उंगलियों के नाखून ज्यादा तेजी से बढ़ते हैं।

61.हमारे शरीर में लोहा भी होता है इतना कि एक शरीर से प्राप्त लोहे से एक इंच की कील भी तैयार की जा सकती है |

62.एक सामान्य मनुष्य अपने पूरे जीवनकाल में भूमध्य रेखा के पाँच बार चक्करलगाने जितना चलता है। यह लगभग 2 लाख किलोमीटर बनता है.

63.भास्‍कराचार्य ने खगोल शास्‍त्र के कई सौ साल पहले पृथ्‍वी द्वारा सूर्य के चारों ओर चक्‍कर लगाने में लगने वाले सही समय की गणना की थी। उनकी गणना के अनुसार सूर्य की परिक्रमा में पृथ्‍वी को 365258756484 दिन का समय लगता है।

64.वाराणसी, जिसे बनारस के नाम से भी जाना जाता है, एक प्राचीन शहर है जब भगवान बुद्ध ने 500 बी सी में यहां आगमन किया और यह आज विश्‍व का सबसे पुराना और निरंतर आगे बढ़ने वाला शहर है।

65.भारत 17वीं शताब्‍दी के आरंभ तक ब्रिटिश राज्‍य आने से पहले सबसे सम्‍पन्‍न देश था। क्रिस्‍टोफर कोलम्‍बस भारत की सम्‍पन्‍नता से आकर्षित हो कर भारत आने का समुद्री मार्ग खोजने चला और उसने गलती से अमेरिका को खोज लिया।

66.संस्कृत सभी उच्च भाषाओं की जननी माना जाता है. क्योंकि यह कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के लिए सबसे सटीक है, और इसलिए उपयुक्त भाषा है.

67.70%फीसदी लिवर, 80 फीसदी आंत और एक किडनी बगैर भी इंसान जिंदा रह सकता है।

68.कुर्सी पर बैठ कर अपने दाएं पैर से गोला बनाइये और साथ ही अपने दाएं हाथ से हवा में 6 लिखिए , आपके पैरों की दिशा बदल जाएगी.

69.मुंबई के ब्रेबॅार्न स्टेडियम में 1988 में खेल One day अभ्यास मैच में सचिन तेंदुलकर ने पाकिस्तान के लिए फ़ीलि्डिंग की थी.

70.गुगल से 10 अरब से अधिक पेज जुडे हुए है जो हर 19 महीने में दुगने हो जाते है.

71.Internet में 80% प्रतीशत ट्रेफिक सर्च इंजनो की वजह से आता है.

72.हम शाम के मुकाबले सुबह लगभग 1 cm लम्बे होते हैं.

73.सपनो में हम सिर्फ वही चीजें देख सकते हैं जो हम पहले से देख चुके हैं.

74.अफजल खान की एक बीवी ने उसे शिवाजी की शरण जाने को कहा तो अफजल खान इतना भड़क गया कि उसने अपनी पूरी 63 बीवीयो को मार कर एक कुवे में फेक दिया.

75.गरम पानी ठन्डे पानी से पहले बर्फ में बदल जाता है.

76.अगर पृथ्वी को सेब के आकार का बना दे तो पृथ्वी के ऊपर वायुमंडल केवल उसके छिलके के बराबर है.

77.टाइटैनिक जहाज को बनाने को लिए उस समय 35 करोड़ 70 लाख रूपये लगे थे जब कि टाइटैनिक फिलम बनाने के लिए 1000 करोड़ के लगभग लागत आई.

78.बिल गेट्स हर सेकेण्ड में करीब 12000 रुपये कमाते हैं यानि एक दिन में करीब 102 करोड़ रूपये. 

79.राष्ट्रपति जार्ज बुश ने एक बार जपानी प्रधानमंन्त्री की कुर्सी पर उल्टी कर दी थी.

80.चीन में एक 17 साल के लड़के ने i pad2 और i phone के लिए अपनी kidney बेच दी थी.

81.धरती पे जितना भार सारी चीटीयों का है उतना ही सारे मनुष्यो का है.

82.Octopus के तीन दिल होते हैं.

83.सिर्फ मादा मच्छर ही आपका ख़ून चूसती हैं. नर मच्छर सिर्फ आवाजे करते हैं.

84.ब्लु वेहल एक साँस में 2000 गुबारो जितनी हवा खिचती है और बाहर निकालती है.

85.मच्छलीयो की यादआसत सिर्फ कुछ सेकेंड की होती है.

86.पैराशूट की खोज हवाईजहाज से 1 सदी पहले हुई थी.

87..कंगारु उल्टा नही चल सकते.

88.चीन में आप किसी व्यकित को 100 रूपया प्रति घंटा अपनी जगह लाइन में लगने के लिए कह सकते है.

89.Facebook उपयोग करने वाली सबसे बुजुर्ग मनुष्य 105 साल की एक महिला है जिसका नाम Lillion Lowe है.

90.ग्रीक और बुलगागिया में एक युद्ध सिर्फ इसलिए लड़ा गया था क्योंकि एक कुत्ता उनका border पार कर गया था.

91.1894 में जो सबसे पहला कैमरा बना था उससे आपको अपनी फोटो खीचने के लिए उसके सामने 8 घंटे तक बैठना पड़ेगा.

92.आप को कभी भी यह याद नही रहेगा कि आपका सपना कहा से शुरू हुआ था.

93.Keyboard पर टॅायलेट सीट से 60 गुना ज्यादा germs होते है.

94.हर साल 4 लोग अपनी पैंट बदलते समय अपनी जान गवा देते हैं.

95.फेसबुक संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने यूनिवर्सिटी में पढाई के दौरान Facemash नाम से वेबसाईट बनाई थी बाद में इसी का नाम Facebook कर दिया गया. 

96.Abraham Lincoln जब Depression(अवसाद) से गुजर रहे थे तो वह चाकू-छूरों से दूर रहते थे, उन्हें डर था कि वह खुद को मार न ले.

97.लोग सबसे ज्यादा तेज फैसले तब लेते है जब वह वीडियो गेम खेल रहे होते हैं.

98.हर साल दो मिनट ऐसे होते है जिन्में 61 सैकेंड होते हैं.

99.आम तौर पे classes में पढ़ाया जाता है कि प्रकाश की गति 3 लाख किलोमीटर/सैकेंड होती है पर असल में यह गति 2,99,792 होती है.

100.हर सैकेंड 100 बार आसमानी बिजली धरती पर गिरती है.

101. Kiss करने से ज्यादा हाथ मिलाते समय germs एक दुसरे को ट्रान्सफर होते हैं.

-: Mamta Sharma

शुक्रवार, 5 जुलाई 2013

क्या आप जानते हैं अपने 16 संस्कारों को?


सनातन धर्म के शास्त्रों के अनुसार 16 प्रकार के संस्कारों का उल्लेख पाया जाता है।
16 संस्कार – क्या आप जानते हैं अपने 16 संस्कारों को ?
और 16 में से कितने संस्कारों को अपने जीवन में उतारते हैं हम सब ?
 सनातन धर्म में जन्म से लेकर मृत्यु तक कुल सोलह संस्कार बताए गये हैं, सभी मनुष्यों के लिए 16 प्रकार के संस्कारों का उल्लेख किया गया है और उन्हें कोई भी धारण कर सकता है l समस्त मनुष्यों को अपना जीवन इन 16 संस्कारो के अनुसार व्यतीत करने की आज्ञा दी गयी है।
 संस्कार का अर्थ क्या है ?
हमारे चित, मन पर जो पिछले जन्मो के पाप कर्मो का प्रभाव है उसको हम मिटा दें और अच्छा प्रभाव को बना दे .. उसे संस्कार कहते हैं l 
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प्रत्येक संस्कार के समय यज्ञ किया जाता है,
भगवान् श्री राम के संस्कार ऋषि वशिष्ठ ने करवाए थे, और भगवन श्री कृष्ण के संस्कार ऋषि संदीपनी ने करवाए थे l
 एक अच्छे सभ्य समाज के लिए संस्कार अत्यंत आवश्यक, पुराने समय में जो व्यक्ति के संस्कार न हुए हो उसे अच्छा नहीं माना जाता था
 संस्कार हमारे धार्मिक और सामाजिक जीवन की पहचान होते हैं।
यह न केवल हमें समाज और राष्ट्र के अनुरूप चलना सिखाते हैं बल्कि हमारे जीवन की दिशा भी तय करते हैं।
भारतीय संस्कृति में मनुष्य को राष्ट्र, समाज और जनजीवन के प्रति जिम्मेदार और कार्यकुशल बनाने के लिए जो नियम तय किए गए हैं उन्हें संस्कार कहा गया है। इन्हीं संस्कारों से गुणों में वृद्धि होती है। हिंदू संस्कृति में प्रमुख रूप से 16 संस्कार माने गए हैं जो गर्भाधान से शुरू होकर अंत्येष्टी पर खत्म होते हैं। व्यक्ति पर प्रभाव संस्कारों से हमारा जीवन बहुत प्रभावित होता है। संस्कार के लिए किए जाने वाले कार्यक्रमों में जो पूजा, यज्ञ, मंत्रोच्चरण आदि होता है उसका वैज्ञानिक महत्व साबित किया जा चुका है।

कुछ जगह ४८ संस्कार भी बताए गए हैं।
महर्षि अंगिरा ने २५ संस्कारों का उल्लेख किया है।
वर्तमान में महर्षि वेद व्यास स्मृति शास्त्र के अनुसार १६ संस्कार प्रचलित हैं।
ये है भारतीय संस्कृति के 16 संस्कार गर्भाधान संस्कार, पुंसवन संस्कार, सीमन्तोन्नयन संस्कार, जातकर्म संस्कार, नामकरण संस्कार, निष्क्रमण संस्कार, अन्नप्राशन संस्कार, मुंडन संस्कार, कर्णवेध संस्कार, उपनयन संस्कार, विद्यारंभ संस्कार, केशांत संस्कार, समावर्तन संस्कार, विवाह संस्कार, विवाहाग्नि संस्कार, अंत्येष्टि संस्कार।

आइये अपने 16 संस्कारों के बारे में जानें ….

1.गर्भाधान संस्कार -
ये सबसे पहला संस्कार है l
बच्चे के जन्म  से पहले माता -पिता अपने  परिवार  के  साथ  गुरुजनों  के  साथ  यज्ञ  करते  हैं  और  इश्वर  को  प्रार्थना  करते  हैं  की  उनके  घर  अच्छे  बचे  का  जन्म  हो, पवित्र  आत्मा, पुण्यात्मा  आये l जीवन की शुरूआत गर्भ से होती है। क्योंकि यहां एक जिन्दग़ी जन्म लेती है। हम सभी चाहते हैं कि हमारे बच्चे, हमारी आने वाली पीढ़ी अच्छी हो उनमें अच्छे गुण हो और उनका जीवन खुशहाल रहे इसके लिए हम अपनी तरफ से पूरी पूरी कोशिश करते हैं।
ज्योतिषशास्त्री कहते हैं कि अगर अंकुर शुभ मुहुर्त में हो तो उसका परिणाम भी उत्तम होता है। माता पिता को ध्यान देना चाहिए कि गर्भ धारण शुभ मुहुर्त में हो।
ज्योतिषशास्त्री बताते हैं कि गर्भधारण के लिए उत्तम तिथि होती है मासिक के पश्चात चतुर्थ व सोलहवीं तिथि (Fourth and Sixteenth Day is very Auspicious for Garbh Dharan)। इसके अलावा षष्टी, अष्टमी, नवमी, दशमी, द्वादशी, चतुर्दशी, पूर्णिमा और अमवस्या की रात्रि गर्भधारण के लिए अनुकूल मानी जाती है।

 गर्भधारण के लिए उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद, रोहिणी, मृगशिरा, अनुराधा, हस्त, स्वाती, श्रवण, घनिष्ठा और शतभिषा नक्षत्र बहुत ही शुभ और उत्तम माने गये हैं l

ज्योतिषशास्त्र में गर्भ धारण के लिए तिथियों पर भी विचार करने हेतु कहा गया है। इस संस्कार हेतु प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, द्वादशी, त्रयोदशी तिथि को बहुत ही अच्छा और शुभ कहा गया है l
गर्भ धारण के लिए वार की बात करें तो सबसे अच्छा वार है बुध, बृहस्पतिवार और शुक्रवार। इन वारों के अलावा गर्भधारण हेतु सोमवार का भी चयन किया जा सकता है, सोमवार को इस कार्य हेतु मध्यम माना गया है।

ज्योतिष सिद्धान्त के अनुसार गर्भ धारण के समय लग्न शुभ होकर बलवान होना चाहिए तथा केन्द्र (1, 4 ,7, 10) एवं त्रिकोण (5,9) में शुभ ग्रह व 3, 6, 11 भावों में पाप ग्रह हो तो उत्तम रहता है। जब लग्न को सूर्य, मंगल और बृहस्पति देखता है और चन्द्रमा विषम नवमांश में होता है तो इसे श्रेष्ठ स्थिति माना जाता है।

ज्योतिषशास्त्र कहता है कि गर्भधारण उन स्थितियों में नहीं करना चाहिए जबकि जन्म के समय चन्द्रमा जिस भाव में था उस भाव से चतुर्थ, अष्टम भाव में चन्द्रमा स्थित हो। इसके अलावा तृतीय, पंचम या सप्तम तारा दोष बन रहा हो और भद्रा दोष लग रहा हो।
ज्योतिषशास्त्र के इन सिद्धान्तों का पालन किया जाता तो कुल की मर्यादा और गौरव को बढ़ाने वाली संतान घर में जन्

2. पुंसवन  संस्कार -
पुंसवन संस्कार के दो प्रमुख लाभ- पुत्र प्राप्ति और स्वस्थ, सुंदर गुणवान संतान है।
पुंसवन संस्कार गर्भस्थ बालक के लिए किया जाता है, इस संस्कार में गर्भ की स्थिरता के लिए यज्ञ किया जाता है l

3. सीमन्तोन्नयन संस्कार-
यह संस्कार गर्भ के चौथे, छठवें और आठवें महीने में किया जाता है। इस समय गर्भ में पल रहा बच्च सीखने के काबिल हो जाता है। उसमें अच्छे गुण, स्वभाव और कर्म आएं, इसके लिए मां उसी प्रकार आचार-विचार, रहन-सहन और व्यवहार करती है। भक्त प्रह्लाद और अभिमन्यु इसके उदाहरण हैं। इस संस्कार के अंतर्गत यज्ञ में खिचडी की आहुति भी दी जाती है l

4. जातकर्म संस्कार-
बालक का जन्म होते ही इस संस्कार को करने से गर्भस्त्रावजन्य दोष दूर होते हैं।
नालछेदन के पूर्व अनामिका अंगूली (तीसरे नंबर की) से शहद, घी और स्वर्ण चटाया जाता है।
जब नवजात शिशु जन्म लेता है तब 1% घी, 4% शहद से शिशु की जीभ पर ॐ लिखते हैं ..

5. नामकरण संस्कार-
जन्म के बाद 11वें या सौवें या 101 वें दिन नामकरण संस्कार किया जाता है।
सपरिवार और गुरुजनों के साथ मिल कर यज्ञ किया जाता है तथा ब्राह्मण द्वारा ज्योतिष आधार पर बच्चे का नाम तय किया जाता है।
बच्चे को शहद चटाकर सूर्य के दर्शन कराए जाते हैं।
उसके नए नाम से सभी लोग उसके स्वास्थ्य व सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
वेद मन्त्रों में जो भगवान् के नाम दिए गए हैं, जैसे नारायण, ब्रह्मा, शिव – शंकर, इंद्र, राम – कृष्ण, लक्ष्मी, देव – देवी आदि ऐसे समस्त पवित्र नाम रखे जाते हैं जिससे बच्चे में इन नामों के गुण आयें तथा बड़े होकर उनको लगे की मुझे मेरे नाम जैसा बनना है l


6. निष्क्रमण संस्कार-
जन्म के चौथे महीने में यह संस्कार किया जाता है। हमारा शरीर पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश जिन्हें पंचभूत कहा जाता है, से बना है। इसलिए पिता इन देवताओं से बच्चे के कल्याण की प्रार्थना करते हैं।
निष्क्रमण का अर्थ है बाहर निकालना … बच्चे को पहली बार घर से बाहर खुली और शुद्ध  हवा में लाया जाता है

7. अन्नप्राशन संस्कार-
गर्भ में रहते हुए बच्चे के पेट में गंदगी चली जाती है, उसके अन्नप्राशन संस्कार बच्चे को शुद्ध भोजन कराने का प्रसंग होता है। बच्चे को सोने-चांदी के चम्मच से खीर चटाई जाती है। यह संस्कार बच्चे के दांत निकलने के समय अर्थात ६-७ महीने की उम्र में किया जाता है। इस संस्कार के बाद बच्चे को अन्न खिलाने की शुरुआत हो जाती है, इससे पहले बच्चा अन्न को पचाने की अवस्था में नहीं रहता l


8. चूडाकर्म या मुंडन संस्कार-
बच्चे की उम्र के पहले वर्ष के अंत में या तीसरे, पांचवें या सातवें वर्ष के पूर्ण होने पर बच्चे के बाल उतारे जाते हैं और यज्ञ किया जाता है जिसे वपन क्रिया संस्कार, मुंडन संस्कार या चूड़ाकर्म संस्कार कहा जाता है। इससे बच्चे का सिर मजबूत होता है तथा बुद्धि तेज होती है।

9. कर्णभेद या कर्णवेध संस्कार-
कर्णवेध संस्कार इसका अर्थ है- कान छेदना। परंपरा में कान और नाक छेदे जाते थे। यह संस्कार जन्म के छह माह बाद से लेकर पांच वर्ष की आयु के बीच किया जाता था। यह परंपरा आज भी कायम है। इसके दो कारण हैं,
एक- आभूषण पहनने के लिए।
दूसरा- कान छेदने से एक्यूपंक्चर होता है।
इससे मस्तिष्क तक जाने वाली नसों में रक्त का प्रवाह ठीक होता है।
वर्तमान समय में वैज्ञानिकों ने भी कर्णभेद संस्कार का पूर्णतया समर्थन किया है और यह प्रमाणित भी किया है की इस संस्कार से कान की बिमारियों से भी बचाव होता है l
सभी संस्कारों की भाँती कर्णभेद संस्कार को भी वेद मन्त्रों के अनुसार जाप करते हुए यज्ञ किया जाता है l

10. उपनयन संस्कार -
उप यानी पास और नयन यानी ले जाना।
गुरु के पास ले जाने का अर्थ है उपनयन संस्कार।
उपनयन संस्कार बच्चे के 6 – 8 वर्ष की आयु में किया जाता है, इसमें यज्ञ करके बच्चे को एक पवित्र धागा पहनाया जाता है, इसे यज्ञोपवीत या जनेऊ भी कहते हैं l बालक को जनेऊ पहनाकर गुरु के पास शिक्षा अध्ययन के लिए ले जाया जाता था। आज भी यह परंपरा है।
जनेऊ में तीन सूत्र होते हैं। ये तीन देवता- ब्रह्मा, विष्णु, महेश के प्रतीक हैं।
फिर हर सूत्र के तीन-तीन सूत्र होते हैं। ये सब भी देवताओं के प्रतीक हैं। आशय यह कि शिक्षा प्रारंभ करने के पहले देवताओं को मनाया जाए। जब देवता साथ होंगे तो अच्छी शिक्षा आएगी ही।

अब बच्चा द्विज कहलाता है, द्विज का अर्थ होता है जिसका दूसरा जन्म हुआ हो, अब बच्चे को पढाई करने के लिए गुरुकुल भेजा जाता है l
पहला जन्म तो हमारे माता पिता ने दिया लेकिन दूसरा जन्म हमारे आचार्य, ऋषि, गुरुजन देते हैं, उनके ज्ञान को पाकर हम एक नए मनुष्य बनते हैं इसलिए इसे द्विज या दूसरा जन्म लेना कहते हैं l
यज्ञोपवीत  पहनना गुरुकुल  जाने, ज्ञानी होने, संस्कारी होने का प्रतीक है l

कुछ लोगों को ग़लतफहमी है की यज्ञोपवीत का धागा केवल ब्राह्मण लोग ही धारण अक्र्ते हैं, वास्तब में आज कल केवल ब्राह्मण ही रह गए हैं जो सनातन परम्पराओं को पूर्णतया निभा रहे हैं, जबकि पुराने समय में सभी लोग गुरुकुल में प्रवेश के समय ये यज्ञोपवीत पवित्र धागा पहनते थे….. यानी की जनेऊ धारण करते थे l

11.  वेदाररंभ या विद्यारंभ संस्कार
जीवन को सकारात्मक बनाने के लिए शिक्षा जरूरी है। शिक्षा का शुरू होना ही विद्यारंभ संस्कार है। गुरु के आश्रम में भेजने के पहले अभिभावक अपने पुत्र को अनुशासन के साथ आश्रम में रहने की सीख देते हुए भेजते थे।
ये संस्कार भी उपनयन संस्कार जैसा ही है, इस संस्कार के बाद बच्चों को वेदों की शिक्षा मिलना आरम्भ किया जाता है गुरुकुल में
वर्तमान समय में हम जैसा अधिकाँश लोगों ने गुरुकुल में शिक्षा नहीं पायी है इसलिए हमे अपने ही धर्म के बारे में  बहुत बड़ी ग़लतफ़हमियाँ हैं, और ना ही वर्तमान समय में हमारे माता-पिता को अपनी संस्कृति के बारे में पूर्ण ज्ञान है की वो हमको हमारे धर्म के बारे में बता सकें, इसलिए हमारे प्रश्न मन में ही रह जाते हैं l अधिकाँश अभिभावक तो बस कभी कभी मन्दिर जाने को ही “धर्म” कह देते हैं  
 ये हमारा 11वां संस्कार है, अब जब गुरुकुल में बच्चे पढने जा रहे हैं और वो वहां पर वेदों को पढ़ना आरम्भ करेंगे तो बहुत ही आश्चर्य की बात है की हम वेदों को सनातन धर्म के धार्मिक ग्रन्थ मानते हैं और गुरुकुल में बच्चों को यदि धार्मिक ग्रन्थ की शिक्षा दी जाएगी तो वो इंजीनियर, डाक्टर, वैज्ञानिक, अध्यापक, सैनिक आदि कैसे बनेंगे ?
वास्तव में हम लोगों को यह नहीं पता की जैसे अंग्रेजी डाक्टर होते हैं वैसे ही हमारे भारत वर्ष में भी वैद्य हैं l जैसे आजकल के डाक्टर रसायनों के अनुसार दवाइयां देते हैं खाने के लिए उसी प्रकार हमारे आचार्य और वैद्य शिरोमणी जड़ी बूटियों की औषधियां बनाते थे, जो की विश्व की सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धति है….. आयुर्वेद हमारे वेदों का ही एक अंश  है l
ऐसे ही वेद के अनेक अंश हैं जैसे … “शस्त्र-शास्त्र” …जो भारत की युद्ध कलाओं पर आधारित हैं l
गन्धर्व-वेद … संगीत पर आधारित है l
 ये सब उपवेद कहलाते हैं l
 हम सबको थोड़े अपने सामान्य ज्ञान या व्यवहारिक ज्ञान के अनुसार भी सोचना चाहिए की भारत में पुरानी संस्कृति जो भी थीं….
क्या वो बिना किसी समाज, चिकित्सक, इंजिनियर, वैज्ञानिक, अध्यापक, सैनिक आदि के बिना रह सकती थी क्या …? बिलुल भी नहीं …. वेदों में समाज के प्रत्येक भाग के लिए ज्ञान दिया गया है l
 केशांत संस्कार- केशांत संस्कार का अर्थ है केश यानी बालों का अंत करना, उन्हें समाप्त करना। विद्या अध्ययन से पूर्व भी केशांत किया जाता है। मान्यता है गर्भ से बाहर आने के बाद बालक के सिर पर माता-पिता के दिए बाल ही रहते हैं। इन्हें काटने से शुद्धि होती है। शिक्षा प्राप्ति के पहले शुद्धि जरूरी है, ताकि मस्तिष्क ठीक दिशा में काम करे।
 12. समवर्तन संस्कार -
समवर्तन का अर्थ है फिर से लौटना। आश्रम में शिक्षा प्राप्ति के बाद ब्रह्मचारी  को फिर दीन-दुनिया में लाने के लिए यह संस्कार किया जाता था। इसका आशय है ब्रह्मचारी को मनोवैज्ञानिक रूप से जीवन के संघर्षो के लिए तैयार करना।
जब बच्चा (लडका या लड़की ) गुरुकुल में अपनी शिक्षा पूरी कर लेते हैं, अर्थान उनको वेदों के अनुसार विज्ञान, संगीत, तकनीक, युद्धशैली, अनुसन्धान, चिकित्सा और औषधी, अस्त्रों शस्त्रों के निर्माण, अध्यात्म, धर्म, राजनीति, समाज आदि की उचित और सर्वोत्तम शिक्षा मिल जाती है उसके बाद यह संस्कार किया जाता है l
समवर्तन संस्कार में ऋषि, आचार्य, गुरुजन आदि शिक्षा पूर्ण होने के पच्चात अपने शिष्यों से गुरु दक्षिणा भी मांगते हैं l
वर्तमान समय में इस संस्कार का एक विदूषित रूप देखने को मिलता है जिसे Convocation Ceremony कहा जाता है l
 13. विवाह संस्कार- 
विवास का अर्थ है पुरुष द्वारा स्त्री को विशेष रूप से अपने घर ले जाना। सनातन धर्म में विवाह को समझौता नहीं संस्कार कहा गया है। यह धर्म का साधन है। दोनों साथ रहकर धर्म के पालन के संकल्प के साथ विवाह करते हैं। विवाह के द्वारा सृष्टि के विकास में योगदान दिया जाता है। इसी से व्यक्ति पितृऋण से मुक्त होता है।
ये संस्कार बहुत ही महत्वपूर्ण  संस्कार  है, ये  भी  यज्ञ  करते  हुए  और  वेदों पर आधारित मन्त्रों को पढ़ते हुए किया जाता है, वेद-मन्त्रों में पति और पत्नी के लिए कर्तव्य दिए गए हैं और इन को ध्यान में रखते हुए अग्नि के 7 फेरे लिए जाते हैं l
 जैसे हमारे माता पिता ने हमको जन्म दिया वैसे ही हमारा कर्तव्य है की हम कुल परम्परा को आगे बाधाएं, अपने बच्चों को सनातन संस्कार दें और धर्म की सेवा करें l
विवाह संस्कार बहुत आवश्यक है … हमारे समस्त ऋषियों की पत्नी हुआ करती थीं, ये महान स्त्रियाँ आध्यात्मिकता में ऋषियों के बराबर थीं l
 14. वानप्रस्थ संस्कार
 अब 50 वर्ष की आयु में मनुष्य को अपने परिवार की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त होकर जंगल में चले जाना चाहिए और वहां पर वेदों की 6 दर्शन यानी की षट-दर्शन में से  किसी 1 के द्वारा मुक्ति प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए, ये संस्कार भी यज्ञ करते हुए किया जाता है और  संकल्प किया जाता है की अब मैं इश्वर के ज्ञान को प्राप्त करने का प्रयास करेंगे l
 15. सन्यास संस्कार-
वानप्रस्थ संस्कार में जब मनुष्य ज्ञान प्राप्त कर लेता है उसके बाद वो सन्यास लेता है, वास्तव में सन्यास पूरे समाज के लिए लिया जाता है , प्रत्येक सन्यासी का धर्म है की वो सारे संसार के लोगों को भगवान् के पुत्र पुत्री समझे और अपना बचा हुआ समय सबके कल्याण के लिए दे दे l
सन्यासी को कभी 1 स्थान पर नही रहना चाहिए उसे घूम घूम कर साधना करते हुए लोगो के काम आना चाहिए, अब सारा विश्व ही सन्यासी का परिवार है, कोई पराया नही है l
 सन्यास संस्कार 75 की वर्ष की आयु में होता है पर अगर इस संसार से वैफाग्य हो जाए तो किसी भी आयु में सन्यास लिया जा सकता है l
सन्यासी का धर्म है की वो धर्म के ज्ञान को लोगों को बांटे, ये उसकी सेवा है, सन्यास संस्कार करते समय भी यज्ञ किया जाता है वेद मन्त्र पढ़ते हुए और सृष्टि के कल्याण हेतु बाकी जीवन व्यतीत करने की प्रतिज्ञा की जाती है l
 16. अंत्येष्टि संस्कार-
इसका अर्थ है अंतिम यज्ञ। आज भी शवयात्रा के आगे घर से अग्नि जलाकर ले जाई जाती है। इसी से चिता जलाई जाती है। आशय है विवाह के बाद व्यक्ति ने जो अग्नि घर में जलाई थी उसी से उसके अंतिम यज्ञ की अग्नि जलाई जाती है। मृत्यु के साथ ही व्यक्ति स्वयं इस अंतिम यज्ञ में होम हो जाता है। हमारे यहां अंत्येष्टि को इसलिए संस्कार कहा गया है कि इसके माध्यम से मृत शरीर नष्ट होता है। इससे पर्यावरण की रक्षा होती है।
अन्त्येष्टी संस्कार के समय भी वेद मन्त्र पढ़े जाते हैं, पुराने समय में “नरमेध यज्ञ” जिसका वास्तविक अर्थ अन्त्येष्टी संस्कार था.. उसका गलत अर्थ निकाल कर बलि मान लिया गया था।

Author: Saffron hindurashtra

जय श्री राम कृष्ण परशुराम ॐ

क्या आप जानते हैं-पार्ट 2




  • कोई भी व्यक्ति स्वयं की कुहनी को चाट नहीं सकता।
  • छींकते वक्त आँखे खुली रखना असम्भव है।
  • छींकते समय हृदय की गति एक मिली सेकंड के लिए रुक जाती है।
  • संसार में 50% से भी अधिक लोग ऐसे हैं जिन्हें कभी टेलीफोन प्रयोग करने का अवसर ही नहीं मिला है।
  • मात्र एक घण्टा तक हेडफोन पहने रहने से कान में बैक्टीरिया की संख्या 700 गुना बढ़ जाती है।
  • लाइटर का आविष्कार माचिस से पहले हुआ।
  • उँगलियों के निशान जैसे ही सभी के जीभ के निशान भी अलग-अलग होते हैं।
  • बिना खाना खाए एक माह तक जिंदा रहा जा सकता है जबकि बिना पानी पिए केवल एक सप्ताह। शरीर में सिर्फ 1% पानी की कमी होने पर प्यास महसूस होने लगती है और 10% कमी होने पर प्राण निकल जाते हैं।
  • ध्वनि की गति हवा की अपेक्षा स्टील में 15 गुनी अधिक होती है।
  • लिओनार्डो डा विंसी एक ही समय में एक हाथ से लिख सकते थे साथ ही दूसरे हाथ से चित्रकारी भी कर सकते थे।
  • च्युइंगगम चबाते-चबाते प्याज काटने से आँख से आँसू नहीं आते। (यद्यपि प्याज काटने से आँखों में आँसू बनने की प्रक्रिया अवश्य होती है किन्तु जबड़ों के लगातार चलते रहने के कारण वे आँख के बाहर तक नहीं आ पाते।)
  • “Rhythm” अंग्रेजी का वह सबसे बड़ा शब्द है जिसमें अंग्रेजी का कोई भी स्वर (vowel) का प्रयोग नहीं हुआ है।
  • शहद एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जो हजारों साल तक खराब नहीं होता। (मिश्र के फैरो के कब्रों में पाए गए शहद को पुरातत्वविदों द्वारा चख कर देखने पर पाया गया है कि वह आज भी खाने योग्य है।)
  • पृथ्वी सौरमण्डल का एकमात्र ग्रह है जिसका नाम किसी देवता के नाम पर नहीं रखा गया है।
  • नींद में होने पर भी डॉल्फिन की एक आँख खुली रहती है।

अंडों के बारे में दिलचस्प तथ्य



1. अंडों में आपके खरीदने योग्य उच्चतम गुणवत्ता वाला प्रोटीन शामिल होता है।
 
२. . यह पता लगाने के लिए कि क्या एक अंडा कच्चा है या पूरी तरह से पका हुआ है, उसे हिलाएँ! यदि अंडा आसानी से हिलता है, तो वह पूरी तरह से पका हुआ है, लेकिन यदि उसमें डगमगाहट होती है, तो वह कच्चा है।

3. अंडे का पीला भाग कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों में से एक है, जो प्राकृतिक रूप से विटामिन डी का एक बेहतर स्रोत होता है।

४. अंडे के पीले भाग का रंग मुर्गी के आहार पर निर्भर करता है।

५. अंडों में आपके खरीदने योग्य उच्चतम गुणवत्ता वाला प्रोटीन शामिल होता है।

६. यह पता लगाने के लिए कि क्या एक अंडा कच्चा है या पूरी तरह से पका हुआ है, उसे हिलाएँ! यदि अंडा आसानी से हिलता है, तो वह पूरी तरह से पका हुआ है, लेकिन यदि उसमें डगमगाहट होती है, तो वह कच्चा है।

७. अंडे का पीला भाग कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों में से एक है, जो प्राकृतिक रूप से विटामिन डी का एक बेहतर स्रोत होता है।

८. यदि अंडा गलती से फर्श पर गिर जाए, तो आसानी से साफ करने के लिए उसपर बहुत से नमक को छिड़क दें।

९. अंडे कमरे के तापमान में एक दिन और फ्रिज में एक सप्ताह तक खराब नहीं होते।
निर्भर करता है।

१0 . अंडे में केवल 70 कैलोरी और 5 ग्राम वसा होती है।

११  .अंडे के प्रोटीन में आवश्यक एमीनो अम्ल का उचित मिश्रण होता है, जिसकी आवश्यकता मनुष्यों द्वारा उत्तकों के निर्माण के लिए होती है। मानव पोषण के लिए माँ के दूध के बाद यह दूसरे स्थान पर आता है।

१२। एक औसत मुर्गी एक वर्ष में 300 से 325 अंडे देती है।

साभार : http://thinkegg.com/

रविवार, 19 मई 2013

धरती का सबसे महंगा मैटेरियल

एंटीमैटर -1 ग्राम की कीमत 3,12,500 अरब रुपये

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 धरती का सबसे महंगा मैटेरियल

दुनिया के सबसे महंगे मैटेरियल की कीमत सुनकर आप दंग रह जाएंगे। इसका नाम जानने के बाद आप ये सोंच भी नहीं सकेंगे कि वाकई में इसकी कीमत इतनी ज्यादा होगी। आपमें से कई लोग इसे सोना, चांदी या हीरा मान रहे होंगे। अगर ऐसा है तो आपको गलतफहमी है।
 
दुनिया की सबसे महंगा मैटेरियल एंटीमैटर है। इसकी कीमत सुनकर आपके होश उड़ जायेंगे। 1 ग्राम एंटीमैटर को बेचकर विश्व के कई 100 छोटे देशों को खरीदा जा सकता है। जी हां,1 ग्राम एंटीमैटर की कीमत 312500 अरब रुपये (3125 खरब रुपये) है।
 
नासा के मुताबिक, एंटीमैटर धरती का सबसे महंगा मैटेरियल है। 1 मिलिग्राम एंटीमैटर बनाने में 250 लाख डॉलर रुपये तक लग जाते हैं। जहां ये बनता है, वहां पर विश्व की सबसे बेहतरीन सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है।
 
इतना ही नहीं नासा जैसे संस्थानों में भी इसे रखने के लिए एक पुख्ता सुरक्षा घेरा है। कुछ खास लोगों के अलावा एंटीमैटर तक कोई भी नहीं पहुंच सकता है।
 
दिलचस्प है कि एंटीमैटर का इस्तेमाल अंतरिक्ष में दूसरे ग्रहों पर जाने वाले विमानों में ईधन की तरह किया जा सकता है।
 

शनिवार, 18 मई 2013

दिन में सपने देखना


सुबह उठने के बाद ब्रश करते समय, नहाते समय, काम करते हुए हम कई बार सपनों की दुनिया में खो जाते हैं. कई बार हमें पता भी नहीं चलता कि हम काफी देर तक खोए खोए से रहते हैं. यह दिन में सपने देखने की प्रक्रिया है और इसका असर हमारे स्वभाव और जीवन पर पडता है.

न्यू साइंटिस्ट की एक खबर के अनुसार लगभग हर व्यक्ति दिन में सपने देखता है और अधिकतर बार हम हमारे समय का 50% हिस्सा इसमें ही बीता देते हैं. ऐसा सबसे अधिक बार दातुन करते समय होता है. 

क्या इससे स्वभाव पर विपरित असर पडता है. कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि दिन में सपने देखना धीरे धीरे उदासीनता की तरफ ले जाता है परंतु हार्वर्ड विश्वविद्यालय के मैथ्यू किलिंग्सवुड और उनके सहयोगियों के अनुसार अच्छी बातों के सपने देखने से उसका सकारात्मक असर भी होता है परंतु उसकी दर काफी कम है.

इसलिए दावे के साथ यह कह पाना कि दिन में सपने देखना हानिकारक ही है, सही नहीं है. रिसर्च बताती है कि दिन में सपने देखने के दौरान दिमाग कई ऐसी बातों और संबंधों के बारे में सोचता है, जिन पर सामान्य परिस्थितियों में ध्यान नहीं जाता। इस दौरान इंसान का ध्यान अपने आसपास के हालात से परे जाकर अजीबोगरीब चीजों पर लगता है। ऐसे में उन चीजों की भी कल्पना कर ली जाती है, जो वास्तव में होती भी नहीं हैं।दिन में सपने देखने वाले ही कामयाबी की मंजिल पर पहुंचते हैं, क्योंकि एक ख्वाब ही किसी व्यक्ति में लक्ष्य को पाने की ललक जगाता है।दिवास्वप्न के वैज्ञानिक पहलुओं पर नजर डालें तो दिन में ख्वाब देखने वाले लोग दुनिया की समस्याओं को ज्यादा तेजी से सुलझाने की क्षमता रखते हैं। एक ताजा शोध के मुताबिक जब दिमाग का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है तो वह समस्या को सुलझाने के लिए अधिक तेजी से काम करता है।


प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में प्रकाशित की गई इस शोध की रिपोर्ट के मुताबिक पाया गया है कि दिवास्वप्न के दौरान मानव मस्तिष्क के अंदरुनी हिस्से का डीफॉल्ट नेटवर्क ज्यादा सक्रिय हो जाता है, जो चीजों के बारे में तेजी से सोचने और समस्या के त्वरित निदान में ज्यादा सक्षम होता है।

शोध के मुताबिक लोग अपने जीवन का एक तिहाई हिस्सा दिन में ख्वाब देखते हुए बिताते हैं। यह हमारी पूरी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा है, लेकिन विज्ञान इसे आमतौर पर उपेक्षित कर देता है।

दुनिया की जनसंख्या और वेबपन्ने



माइक्रोसोफ्ट के बिंग सर्च इंजिन की टीम ने दावा किया है प्रति सेंकड हजारों की संख्या में वेबपन्ने इंटरनेट पर जोड़े जा रहे हैं और अब उनकी संख्या जनसंख्या से भी कहीं अधिक हो गई है.


दुनिया की जनसंख्या भले ही अरबों में हो लेकिन यदि ओनलाइन वेबपन्नों की बात की जाए तो उनकी संख्या लोगों की कुल संख्या से भी अधिक हो गई है. माइक्रोसोफ्ट के बिंग सर्च इंजिन की टीम ने दावा किया है प्रति सेंकड हजारों की संख्या में वेबपन्ने इंटरनेट पर जोड़े जा रहे हैं और अब उनकी संख्या जनसंख्या से भी कहीं अधिक हो गई है.
कुछ मजेदार तथ्य:

  • एक अनुमान के अनुसार दुनिया में लोगों की आबादी 6.7 अरब के आसपास है. जबकि ओनलाइन वेबपन्नों की संख्या इतनी अधिक है कि प्रतिव्यक्ति 150 वेबपन्नों का अनुपात बनाया जा सकता है.
  • यदि कोई व्यक्ति हर वेबसाइट को मात्र एक मिनट तक ब्राउज़ करे तो उसे सारी वेबसाइटें खंगालने में 31000 वर्ष लगेंगे. यदि कोई व्यक्ति सारे वेबपन्ने पढना चाहे तो उसे ऐसा करने में करीब 6,00,00,000 दशक लगेंगे.
  • आज दुनिया के करीब 1.4 अरब लोग इंटरनेट का उपयोग करते हैं
  • इंटरनेट का उपयोग करने के मामले में चीन के लोग बाजी मार जाते हैं. वहाँ के करीब 33 करोड़ लोग इंटरनेट का उपयोग करते हैं
  • इंटरनेट का उपयोग करने वाले शीर्ष 5 देश हैं – चीन, अमेरिका, जापान, भारत और ब्राज़िल.
  • भारत के मात्र 7% लोग इंटरनेट का उपयोग करते हैं. 
सौजन्य से:तरकस

क्या आप जानते हैं-पार्ट 3



  • नया पेन देने पर 97% लोग अपना खुद का नाम लिखते हैं।
  • एक सामान्य मनुष्य की आँखें 200 अंश की चौड़ाई तक देख सकती हैं।
  • पका हुआ तरबूज कच्चे तरबूज की अपेक्षा खोखला होता है।
  • लगभग छः माह की उम्र होने तक रोने पर भी बच्चों की आँख से आँसू नहीं निकलते।
  • अपेक्षाकृत गरम पानी से सिंचाई किए जाने वाले पौधे ठण्डे पानी से सिंचाई किए जाने वाले पौधों की अपेक्षा तेजी से बढ़ते हैं।
  • एक घण्टे तक हेडफोन लगाए रहने पर कान के अंदर बैक्टीरिया 700 गुना बढ़ जाते हैं।
  • उम्र बढ़ने के साथ मनुष्य के कान और नाक के आकार में वृद्धि होती है किन्तु आँखें जन्म से मृत्यु तक एक ही आकार की रहती हैं।
  • उँगलियों के निशान जैसे ही प्रत्येक व्यक्ति के जीभ के निशान भी अलग-अलग होते हैं।
  • स्वीडन में एक ऐसा होटल है जो पूर्णतया बर्फ का बना है, प्रतिवर्ष इसका पुनर्निर्माण किया जाता है।
  • उँगलियाँ तोड़ने पर जो आवाज सुनाई देती है वह वास्तव में नाइट्रोजन बबल्स के बर्स्ट होने की आवाज होती है।

सोमवार, 13 मई 2013

सेहत से जुड़े ये कुछ मजेदार बातें


सब्जियां खनिज लवण से भरपूर होती हैं। मौसमी सब्जियों को भोजन में अवश्य शामिल करें। मूली, मैथी, गाजर, पालक को कच्चा भी सलाद के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। सीटी बजाना शिष्टाचार के लिहाज से अच्छी भले ही न लगे लेकिन क्या आपको पता है फेफड़ों के लिए यह बेहतरीन एक्सरसाइज है? ऐसे ही कई मजेदार तथ्य हैं जो आपकी ही सेहत से जुड़े हैं और आपको पता नहीं हैं। आइए जानें आपकी सेहत से जुड़े कुछ मजेदार बातें।

1- लंबे कद वाली महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर के प्रति अधिक सचेत रहना चाहिए क्योंकि उन्हें इसका खतरा अधिक होता है। हौलैंड के कुछ वैज्ञानिकों ने अपने शोध के आधार पर माना है कि लंबे कद वाली महिलाओं का शारीरिक विकास कम उम्र से ही तेजी से होता है जिस वजह से उनके हार्मोन्स में बदलाव भी तेजी से होता है। इससे उन्हें ब्रेस्ट कैंसर की आशंका अधिक रहती है।

2- वैसे तो ग्रीस में अमरूद का संबंध यौन क्षमता से सदियों से माना जाता रहा है लेकिन अब अमेरिकी वैज्ञानिक भी अमरूद को यौन क्षमता बढ़ाने में बहुत प्रबावी मानते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि अमरूद में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो पुरुषों के यौन अंगों तक रक्त संचार बढ़ाने व यौन क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं।

3- अगर आपको बहुत गुस्सा आता है तो जरा कंट्रोल करें। आपका गुस्सा आपको मोटापे का शिकार बना सकता है। अमेरिकन जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी में प्रकाशित इस शोध में माना गया है कि बहुत अधिक गुस्सा करने वाले पुरुषों के बॉडी मास इंटेक्स में तेजी से बदलाव आते हैं और वे जल्दी मोटे होते हैं। वहीं अधिक गुस्सा करने वाली महिलाओं का वजन भी तेजी से बढ़ता है लेकिन पुरुषों की अपेक्षा उनमें ऐसा कम होता है।

4- कद्दू या सीताफल खाने से दिमाग अच्छी तरह चलता है। सुनने में शायद अटपटा लगे लेकिन कई शोधों में यह बात मानी गई है कि कद्दू में पाया जाने वाला विटामिन बी6 और मिनिरल्स आपके रक्त में मौजूद शर्करा को तेजी से ग्लूकोज में बदलते हैं और ग्लूकोज अकेला ऐसा तत्व है जिसका सेवन मस्तिष्क सीधे करता है। यह मस्तिष्क के काम करने की क्षमता को बढ़ाता है।

5- कई शोधों में यह तथ्य प्रमाणित हो चुका है कि रेड वाइन का संतुलित मात्रा में सेवन आपकी याददाश्त बढ़ाता है। हां, अगर आप एक बार में 300 मिलीलीटर से ज्यादा रेड वाइन का सेवन करते हैं तो यह आपके दिमाग के लिए उतनी ही हानिकारक भी हो सकती है।